Saturday, 5 September 2020

तुला लग्न

 तुला लग्न में दशान्तर्दशा का फल एवं अन्य शुभाशुभ ज्ञान

तुला लग्न में उत्पन्न जातक-जातिका को शुक्र, शनि, चंद्र (यदि कुंडली में शुभ हो) तो अपनी दशा अंतर्दशा में शुभ फल प्रदान करेंगे। शनि अपनी दशा या भुक्ति में भूमि सवारी का सुख, विद्या या कंपटीशन में सफलता, संतान सुख, तकनीकी विद्या में कामयाबी दिलाएगा, चंद्रमा और शुक्र अपनी दशाओं में कार्य व्यवसाय या नौकरी में लाभ उन्नति, माता एवं स्त्री का सुख, सौंदर्य प्रसाधन या सवारी आदि अन्य सुख साधनों की प्राप्ति के साथ उन पर खर्च भी कराएंगे। कुंडली में यदि शनि, चंद्र या शुक्र अशुभ हो तो उपरोक्त सुखों से विघ्न उत्पन्न होंगे।

मंगल की दशा में कुछ परेशानियों एवं विघ्नों के पश्चात धन लाभ तथा पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। तुला लग्न में मंगल धनेश एवं मारकेश भी होने से इस दशा में दुर्घटना से चोट अथवा रक्त विकार आदि से शरीर कष्ट का भय होता है। बुध की दशा में भाग्य में कुछ सुखद परिवर्तन होने की संभावना होती है। परंतु इस दशा में विभिन्न स्थानों पर यात्रा एवं फिजूलखर्ची भी अधिक होती है।

गुरु की दशा  चतुर्थ, अष्टम एवं द्वादश भाव में स्थित गुरु अशुभ फल तथा अन्य भावो में प्राय: शुभ फल प्रदान करता है।

राहु-केतु  तुला लग्न में अपनी स्थिति एवं ग्रहयोग अनुसार फल प्रदान करते है।

तुला लग्न संबंधित अन्य शुभाशुभ ज्ञान एवं उपाय

शुभ रंग श्वेत हल्का नीला काला गुलाबी रंग अनुकूल रहेंगे हरे और पीले रंग के प्रयोग से बचें

शुभ नग (रत्न)  सवा रत्ती का हीरा प्लेटिनम या चांदी की अंगूठी में शुक्रवार को अथवा किसी शुभ योग में पंडित जी के परामर्श अनुसार शुभ मुहूर्त पर निम्नलिखित मंत्र का कम से कम 16 बार पाठ करके धारण करना लाभदायक रहता है।

मंत्र   द्रां द्रीं दौं सः शुक्राय नमः।

अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत् क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:

ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपानं शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोऽमृतं मधु।।

शुक्र का तांत्रिक मंत्र

शुं शुक्राय नमः

द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

इस दिन श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करके ब्राह्मण दंपत्ति का तथा पांच कन्याओं का पूजन करके उन्हें चांदी, श्वेत वस्त्र, फल, बर्फी, दूध, दही, चावल आदि का दान करना शुभ एवं कल्याणकारी होगा।

यदि तुला लग्न में किसी जातिका की जन्म राशि या नाम राशि धनु हो तो वैवाहिक सुख में वृद्धि के लिए श्वेत पुखराज भी धारण करवाया जा सकता है।

धन लाभ एवं वैवाहिक सुख के लिए मंगलवार का व्रत रखना तथा उस दिन गाय को मीठी रोटियां डालना शुभ होगा। कुंडली में सूर्य अशुभ हो तो रविवार का व्रत रखना तथा सूर्य भगवान को प्रतिदिन विशेष कर रविवार के दिन घृणि सूर्याय नमः मंत्र द्वारा तांबे के पात्र में जल लेकर तीन बार अर्घ देना शुभ रहता है।

शुभ दिन रविवार, सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार तथा शनिवार शुभ होंगे बुधवार मिश्रित प्रभाव देगा जबकि गुरुवार अशुभ फलप्रद रहेगा।

शुभ अंक 3,4,5,7 मध्यमफली 8 अशुभ अंक 2,6,9 

भाग्यशाली वर्ष 16, 27, 28, 32, 34, 35, 39, 40, 41 ,42 वे वर्ष।

सावधानी तुला लग्न राशि के जातक जातकों को अत्यधिक भावुकता, भोग विलासिता, और उतावलेपन की प्रवृत्ति का यथासंभव त्याग करना चाहिए। बाह्यमुखी प्रवृतियों के कारण आप विशेष परेशान एवं अशांत रह सकते हैं। बनावट श्रृंगार कीमती वस्तु सवारी आदि सुख साधनों तथा मानक व्यसनों पर वृथा खर्चों से बचें। सात्विक एवं संतुलित भोजन करना आपके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा।

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