नवग्रह व रत्नों
व उपरत्नों के
बारे में बताते
हैं
1. सूर्य ग्रह का
रत्न मानिक्य व
उपरत्न स्टार माणक, रतवा
हकीक, तामडा, लाल
तुरमली
2. चन्द्र ग्रह का
रत्न मोती व
उपरत्न दूधिया हकीक, सफेद
मूंगा, चन्द्रकांत मणि, सफेद
पुखराज
3. मंगल ग्रह का
रत्न मूंगा व
उपरत्न लाल हकीक,
लाल ओनेक्स, तामडा,
लाल गोमेद
4. बुध ग्रह का
रत्न पन्ना व
उपरत्न हरा हकीक,
ओनेक्स, मरगज, फिरोजा, जबरजद
5. गुरू ग्रह का
रत्न पुखराज व
उपरत्न पीला हकीक,
सुनहला, पीला गोमेद,
बैरूज, लहसुनिया
6. शुक्र ग्रह का
रत्न हीरा व
उपरत्न सफेद हकीक,
ओपल स्फटिक, सफेद
पुखराज, जरकन, सफेद मूंगा
7. शनि ग्रह का
रत्न नीलम व
उपरत्न कटैला, काला स्टार,
लाजवर्त गोमेद काला हकीक
8. राहू ग्रह का
रत्न गोमेंद व
उपरत्न हरीद, डूर
9. केतू ग्रह का
रत्न लहसुनिया व
उपरत्न गौदन्ता
कोई भी रत्न
धारण करने से
पहले उसका विधिवत्
पूजन कर दान
आदि करके शुभ
महुर्त में धारण
करना चाहिए।
सूर्य रत्न माणिक्य
के लिए मन्त्रः
ऊँ हृां हृीं
हृौं सः सूर्याय
नमः, मन्त्र संख्या
7000 पहनने के दिन
से चार वर्षों
तक इसका प्रभाव
रहता है। इसके
पश्चात विधिवत् दुसरा रत्न
धारण करें व
पहले वाले को
आदर पूर्वक जल
प्रवाह कर दें।
चन्द्र रत्न मोती
के लिए मन्त्रः
ऊँ श्रां श्रीं
श्रौं सः चन्द्रमसे
नमः,मन्त्र संख्या
11000 पहनने के दिन
से दो वर्ष
एक मास सताइस
दिन तक इसका
प्रभाव रहता है।
इसके पश्चात विधिवत्
दुसरा रत्न धारण
करें व पहले
वाले को आदर
पूर्वक जल प्रवाह
कर दें।
मंगल रत्न मूंगा
के लिए मन्त्रः
ऊँ क्रां क्रीं
क्रौं सः भौमाय
नमः, मन्त्र संख्या
10000 पहनने के दिन
से तीन वर्ष
तीन दिन तक
इसका प्रभाव रहता
है। इसके पश्चात
विधिवत् दुसरा रत्न धारण
करें व पहले
वाले को आदर
पूर्वक जल प्रवाह
कर दें।
बुध रत्न पन्ना
के लिए मन्त्रः
ऊँ ब्रां ब्रीं
ब्रों सः बुधाय
नमः, मन्त्र संख्या
9000 पहनने के दिन
से तीन वर्षों
तक इसका प्रभाव
रहता है। इसके
पश्चात विधिवत् दुसरा रत्न
धारण करें व
पहले वाले को
आदर पूर्वक जल
प्रवाह कर दें।
गुरू रत्न पुखराज
के लिए मन्त्रः
ऊँ ग्रां ग्रीं
ग्रौं सः गुरवे
नमः, मन्त्र संख्या
19000 पहनने के दिन
से चार वर्ष,
तीन महीने अठारह
दिन तक इसका
प्रभाव रहता है।
इसके पश्चात विधिवत्
दुसरा रत्न धारण
करें व पहले
वाले को आदर
पूर्वक जल प्रवाह
कर दें।
शुक्र रत्न हीरा
के लिए मन्त्रः
ऊँ द्रां द्रीं
द्रौ सः शुक्राय
नमः, मन्त्र संख्या
16000 पहनने के दिन
से सात वर्षों
तक इसका प्रभाव
रहता है। इसके
पश्चात विधिवत् दुसरा रत्न
धारण करें व
पहले वाले को
आदर पूर्वक जल
प्रवाह कर दें।
शनि रत्न नीलम
के लिए मन्त्रः
ऊँ प्रां प्रीं
प्रौं सः शनै
नमः, मन्त्र संख्या
23000 पहनने के दिन
से पाँच वर्षों
तक इसका प्रभाव
रहता है। इसके
पश्चात विधिवत् दुसरा रत्न
धारण करें व
पहले वाले को
आदर पूर्वक जल
प्रवाह कर दें।
राहू रत्न गोमेद
के लिए मन्त्रः
ऊँ भ्रां भ्रीं
भ्रौं सः राहवे
नमः, मन्त्र संख्या
18000 पहनने के दिन
से तीन वर्षों
तक इसका प्रभाव
रहता है। इसके
पश्चात विधिवत् दुसरा रत्न
धारण करें व
पहले वाले को
आदर पूर्वक जल
प्रवाह कर दें।
केतू रत्न लहसूनिया
के लिए मन्त्रः
ऊँ स्त्रां स्त्रीं
स्त्रौं सः केतवे
नमः, मन्त्र संख्या
17000 पहनने के दिन
से तीन वर्षों
तक इसका प्रभाव
रहता है। इसके
पश्चात विधिवत् दुसरा रत्न
धारण करें व
पहले वाले को
आदर पूर्वक जल
प्रवाह कर दें।
No comments:
Post a Comment