Sunday, 6 September 2020

नवग्रह,,9 ,,ग्रहों के मंत्र और दान

 नवग्रह,,9 ,,ग्रहों के मंत्र और दान

सूर्य तांत्रिक मंत्र- ह्रां ह्रीं हौं : सूर्याय नम: एकाक्षरी बीज मंत्र- घृणि: सूर्याय नम: जप संख्या- 7000

दान- माणिक्य, गेहूं, धेनु, कमल, गुड़, ताम्र, लाल कपड़े, लाल पुष्प, सुवर्ण।

चंद्र चंद्र तांत्रिक मंत्र- ' श्रां श्रीं श्रौं : चन्द्रमसे नम:' चंद्र एकाक्षरी मंत्र- सों सोमाय नम:।जप संख्या- 11,000

दान- वंशपात्र, तंदुल, कपूर, घी, शंख।

भौम भौम मंत्र- ' क्रां क्रीं क्रौं : भौमाय नम:' भौम एकाक्षरी मंत्र- अंगारकाय नम:

दान- प्रवाह, गेहूं, मसूर, लाल वस्त्र, गुड़, सुवर्ण ताम्र। वृषभ जप संख्या- 1000

बुध मंत्र- ' ब्रां ब्रीं ब्रौं : बुधाय नम:'

बुध का एकाक्षरी मंत्र- ' बु बुधाय नम:' जप संख्या- 9,000

दान- मूंग, हरा वस्त्र, सुवर्ण, कांस्य। गुरु मंत्र- ' ग्रां ग्रीं ग्रौं : गुरवे नम:'

गुरु का एकाक्षरी मंत्र- ' ब्रं बृहस्पतये नम:' जप संख्या- 19,000

दान- अश्व, शर्करा, हल्दी, पीला वस्त्र, पीतधान्य, पुष्पराग, लवण।

शुक्र मंत्र- ' द्रां द्रीं द्रौं : शुक्राय नम:' शुक्र का एकाक्षरी मंत्र- ' शुं शुक्राय नम:'==जप संख्या- 16,000

दान- धेनु, हीरा, रौप्य, सुवर्ण, सुगंध, घी।

शनि मंत्र- ' प्रां प्रीं प्रौं : शनये नम:' शनि का एकाक्षरी मंत्र- ' शं शनैश्चराय नम:==='जप संख्या- 23000

दान- तिल, तेल, कुलित्, महिषी, श्याम वस्त्र।

राहु मंत्र- ' भ्रां भ्रीं भ्रों : राहवे नम:' राहु का एकाक्षरी मंत्र- ' रां राहुवे नम:'===जप संख्या- 18,000

दान- गोमेद, अश्व, कृष्णवस्त्र, कम्बल, तिल, तेल, लोहा, अभ्रक।

केतु का तांत्रिक मंत्र- ' स्रां स्रीं स्रों : केतवे नम:' केतु का एकाक्षरी मंत्र- ' के केतवे नम:'==जप संख्या- 17,000

दान- तिल, कंबल, कस्तूरी, शस्त्र, नीम वस्त्र, तेल, कृष्णपुष्प, छाग, लौहपात्र।

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