Sunday, 6 September 2020

मिथुन लग्‍न में रत्न

 

मिथुन लग् में रत्न  सूर्य तीसरे भाव का स्वामी होता है। अत: इस कुंडली में माणिक् धारण करना कभी भी लाभकारी नहीं होगा।

जानिए आपके लिए कौन सा रत्न होगा शुभ

2: मिथुन लग् में चंद्र दूसरे स्थान का स्वामी है जिसे धन भाव भी कहते हैं। चंद्र की महादशा में तो किसी भी लग् का जातक मोती धारण कर सकता है लेकिन ऐसी स्थिति में यह बहुत आवश्यक नहीं है क्योंकि मिथुन लग् के लिए चंद्रमा मार्केश है लेकिन इसके बाद भी यदि चंद्रमा दूसरे भाव का स्वामी होकर नौवें, दसवें या फिर ग्यारवें भाव में हो तो मोती पहना जा सकता है या दूसरे भाव में चंद्रमा कर्क राशि के साथ स्वराशि का होकर बैठा हो तो धन लाभ के लिए मोती धारण किया जा सकता है।

3: मिथुन लग् में मंगल छठें और ग्यारवें भाव का स्वामी होता है। लग् स्वामी बुध और मंगल के बीच परम शत्रुता होने के कारण इस लग् के जातक को मूंगा धारण नहीं करना चाहिए। विशेषकर मंगल की महादशा में तो मूंगा पहनना बेहद हानिकारक होगा।

4: मिथुन लग् में बुध चतुर्थभाव का स्वामी होता है। इस लग् के व्यक्तियों को पन्ना अवश् धारण करना चाहिए क्योंकि यह कष् और विपत्ति से बचने के लिए उनकी सहायता करता है। बुध की महादशा में इस लग् के लिए पन्ना विशेष लाभकारी होगा।

5: मिथुन लग् में बृहस्पति सातवें और दशवें भाव का स्वामी होता है। इस कारण यह केद्रपति दोष से दूषित होता है। इसके बाद भी अगर गुरू लग्, दूसरे, ग्यारवें या किसी केंद्र भाव में हो तो उसकी महादशा में पुखराज का पहना जा सकता है। इससे धन और संतान-सुख प्राप् होगा। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि मिथुन लग् में गुरू प्रबल मारकेश है अत: धन सांसारिक सुख देने के बाद भी यह मारक बन जाता है। इसलिए यदि बहुत आवश्यक हो मिथुन लग् में पुखराज धारण करें।

6: मिथुन लग् में शुक्र पांचवें और बारहवें भाव का स्वामी है। पांचवें भाव में शुक्र की मूल राशि होती है अत: इस लग् के लिए शुक्र शुभ माना गया हे। लेकिन मिथुन लग् के स्वामी बुध और शुक्र में मित्रता होती है इसलिए सिर्फ मिथुन लग् वालों को सुख, बुद्धि, बल, यश-कीर्ति, मान-सम्मान तथा भाग्योदय के लिए सिर्फ शुक्र की महादशा में ही हीरा पहनना चाहिए। इतना ही नहीं यदि हीरे को पन्ने के साथ धारण करेंगे तो असाधारण फल प्राप् होंगे।

7: मिथुन लग् में शनि आठवें और नौवें भाव का स्वामी होता है। नौवें भाव का स्वामी होने से शनि इस राशि के लिए शुभ ग्रह है। इसलिए पन्ना पहना जा सकता है। यदि शनि की महादशा में मिथुल लग् वाले नीलम धारण करें तो अच्छे फल मिलेंगे। पन्ने के साथ नीलम पहनने पर इस लग् के जातक असाधारण फल प्राप् कर सकते हैं।

इस लगन के लिए ग्रहों का फलादेश

सूर्य- भ्राता, बहना, भुजबल, तेज़, साहस, और शक्ति के गुण

चन्द्र- पैसा, परिवार, मनोबल और घिराव

मंगल- आय, बीमारी, दुश्मन और मेहनत आदि

बुध- देह का स्वरूप, आत्मा का बल, माता, जमीं जायदाद आदि

गुरु- पति या पत्नी, जीविका का साधन , राजधर्म, कारोबार, मान सन्मान, और दिल की मजबूती

शुक्र- पढ़ाई, बोलचाल, बच्चे और निपुणता

शनि- उम्र, डर, भाग्य और धर्म

राहु- छुपी हुई चालाकी, चिता, ज्यादा लाभ प्रप्ति।

केतु- कष्ट और अप्राप्य वस्तुओं की प्राप्ति आदि

इस लगन का बुध यदि मार्गी हो तब पन्ना धारण करने से लाभ मिलता है अगर बुध वक्री है तब पन्ना धारण नहीं करना चाहिए

बुध ग्रह का मंत्र नमो अर्हते भगवते श्रीमते मल्लि तीर्थंकराय कुबेरयक्ष |

अपराजिता यक्षी सहिताय आं क्रों ह्रीं ह्र: बुधमहाग्रह मम दुष्टग्रह,

रोग कष् निवारणं सर्व शान्तिं कुरू कुरू हूं फट् || 14000 जाप् ||

मध्यम यंत्र - ह्रौं क्रौं आं श्रीं बुधग्रहारिष् निवारक श्री विमल अनन्तधर्म शान्ति कुन्थअरहनमिवर्धमान अष्टजिनेन्द्रेभ्यो नम: शान्तिं कुरू कुरू स्वाहा || 8000 जाप् ||

लघु मंत्र- ह्रीं णमो उवज्झायाणां || 10000 जाप् ||

तान्त्रिक मंत्र- ब्रां ब्रीं ब्रौं : बुधाय नम: || 9000 जाप् ||

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