पंचांग के पांच अंग है. नक्षत्र, तिथि, योग, करण, मिलके मुहूर्त बनता है। हिन्दू धर्म में मुहूर्त एक समय मापन इकाई है,
महूर्त को किसी
कार्य को आरम्भ
करने की शुभ
घड़ी का विचार
करने के लिए
उपयोग किया जाता
है ।
राहु काल
राहु नैसर्गिक पाप ग्रह है। राहु शुभ कार्यो में विघ्न और बाधा डालने वाला ग्रह है अत: राहु काल में किसी भी शुभ कार्य की
शुरूआत नहीं करनी चाहिए। मुहूर्त में यम घंटा राहु काल को कहा जाता है। अच्छे काम की शुरुआत के लिए इस समय का त्याग करना चाहिए
रविवार – सायं – 4:30 से 6:00 बजे तक।
सोमवार – प्रातः – 7:30 से 9:00 बजे तक।
मंगलवार – दिन – 3:00 से 4:30 बजे तक।
बुधवार – दिन – 12 से 1:30 बजे तक।
गुरूवार – दिन – 1:30 से 3:00 बजे तक।
शुक्रवार – प्रातः – 10:30 से 12 बजे तक।
शनिवार – प्रातः – 9 से 10:30 बजे तक।
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